बादाम की खेती करने का सही समय एवं तरीका क्या है इन की संपूर्ण जानकारी

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बादाम एक सूखा मेवा है। इस बादाम के पेड़ बहुत उचाई वाले नहीं होते है इन के पेड़ मध्यम कद के होते है। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम जानेगे की बादाम की खेती करने का सही समय एवं तरीका क्या है (Badam Ki Kheti Karne Ka Sahi Samay aur Tarika Kya Hai) इन के बारे में जरूरी जानकारी हासिल करेंगे।

Badam Ki Kheti Karne Ka Sahi Samay aur Tarika Kya Hai

बादाम के पेड़ पर सफ़ेद और गुलाबी रंग के खुशबुदार फूल खिलते है। बादाम के पेड़ ज्यादातर पहाड़ी विस्तार में पाए जाते है। बादाम के पेड़ के पतों लंबा और चौड़ा होता है बादाम के फल मानव शरीर को ताकतवर बनाता है इन के अलावा बादाम के फल खाने से दिमाग भी तेज होता है।

बादाम के फल कई तरह के मिठाई में और ड्राई फ्रूट में एवं सीधा भी खाया जाता है बादाम के फल से तेल भी निकाला जाता है। इस तेल का इस्तेमाल मालिस और कई आयुर्वेदिक दवाई में किया जाता है। बादाम के फल का सेवन कर के कई प्रकार की बीमारी से छुटकारा पा शकते है।

हमारे देश भारत में बादाम की खेती कई राज्य में किसान करते है जैसे की उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, इन के अलावा राजस्थान, बिहार, उतर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी बादाम की खेती किसान करते है। और बादाम का साल भर बहुत ही मांग बाजार में रहता है।

आज के ज़माने में हमारे देश के कृषि विज्ञानिको ने बताया है की बादाम की खेती पहाड़ी विस्तार में ही नहीं बल्कि मैदानी विस्तार में भी किसान बड़ी सफलता पूर्वक कर शकते है और अच्छी उपज के साथ साथ अधिक कमाई भी कर शकते है। आज के इस आर्टिकल में हम आप को बादाम की खेती का सही समय एवं तरीका के बारे में बहुत कुछ बताएंगे

बादाम की खेती (Almonds Farming) के बारे में आप के मन में जो भी सवाल है इन सरे सवाल के जवाब आप को इस आर्टिकल के अंत तक मिल जाएंगे

जैसे की बादाम की खेती के लिए मिट्टी की पसंदगी, तापमान और जलवायु कैसा अनुकूल होता है, इन की उन्नत किस्मे, बादाम के पौधे की रोपाई कब और कैसे करे बात करे तो बादाम की फार्मिंग की सारि बात हम विस्तार से जानेगे।

बादाम की खेती करने का सही समय एवं तरीका क्या है

बादाम की खेती करने का सही समय फरवरी महीना या तो मार्च महीने में मुख्य खेत में खड्ढा में रोपाई करना उचित होता है। बादाम की खेती में इन के पौधे की अच्छी विकास और अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए बलुई मिट्टी, दोमट एवं चकनी मिट्टी, और जिस मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ अच्छी मात्रा में है।

बादाम की खेती जीस ज़मीन पर करे उस जमीं का पी.एच. मान 5 से लेकर 8 के बिचका होना सब से अच्छा माना जाता है। बादाम की खेती में खेत तैयारी में दो से तीन बार गहरी जुताई करे बाद में पाटा चलाके जमीन को समतल करले ताकि बाद में जब सिंचाई करे तब आसानी से जलनिकासी हो जाए और जल भराव की समस्या टलजाए।

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बादाम की खेती में अनुकूल तापमान एवं जलवायु

बादाम की खेती में ठंडे और माध्यम जलवायु की जरूरत होती है। बादाम के पौधे आद्र उष्णकटिबंधीय जलवायु में अच्छे से विकास करते है पर जब शर्दी का मौसम आता है तब पड़ने वाला पाला बादाम के फल को नुकशान पंहुचा शकता है बादाम की खेती में तापमान 21°C से 28°C तक का तापमान अच्छा माना जाता है। पर इन के पौधे पर किलने वाले फूल 5°C तक के तापमान बड़ी आसानी से सहन कर लेते है।

बादाम की उन्नत किस्मे कौन कौन सी है?

हमारे देश के कृषि विज्ञानिको ने आज के ज़माने में बादाम की कई सारी उन्नत किस्मे के तैयार किया है और यह विविध किस्मे विविध समय और अधिक पैदावार देती है।

बादाम की उन्नतशील किस्मे जैसे की कैलिफोर्निया, थिनरोल्ड, मामरा, जेंको, ड्रेक, नीप्लस अल्ट्रा, नॉन पेरिल, फेसिओनेलो, पियरलेस, सामान्य, टेक्सास आदि है और इन किस्मे की नर्सरी में से या पौधे तैयार कर के मुख्य खेती में लगाने से किसान बंपर उपज ले शकते है और अच्छा मुनाफा भी कर शकते है।

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बादाम की खेती में खाद कौन सा डाले?

बादाम की खेती में पोषे की अच्छी विकास और अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए आप को सड़ी गोबर की खाद एक हेक्टर के हिसाब से प्रत्येक खड्डो में 20 से 25 किलोग्राम, और APK (एनपीके) 90 से 100 ग्राम की मात्रा तीन वर्ष बाद प्रत्येक पौधे को डालनी चाहिए।

बादाम की खेती में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती है पर गर्मी के मौसम में सप्ताह में 2 बार सिंचाई जरूर करे ताकि जमीन की नमी बनी रहे। और शर्दी के मौसम में 7 दिन के अंतर में 1 बार जरूर करे। बादाम के पौधे जब बड़े हो जाते है तब एक साल में 6 से 9 बार करनी होगी।

बादाम की तुड़ाई कब और कैसे करे?

बादाम के फल की तुड़ाई ऋतुराज (पतझड़) मौसम में करते है। बादाम के पौधे मुख्य खेत में रोपाई के बाद 5 से 7 साल बाद फल देना आरभ करता है। बादाम के पौधे पर फूल खिलने के बाद 8 महीने बाद पूरी तरे से पक के तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते है। बादाम के फल की ऊपरी हिच्छा जब हरे रंग से पिले रंग के हो जाए तब इन की तुड़ाई कर लेनी चाहिए।

अगर आप ने सही समय पर बादाम के फल की तुड़ाई नहीं करेंगे तो बादाम के फल अपने आप पौधे से गीर जाएंगे इस लिए बादाम के फल को सही समय पर तुड़ाई कर के इन फलो को छाव में रख देना चाहिए। छाव में जब बादाम के फल पूरी तरह से सुख जाते है तब गुठली को तोड़ के बादाम के फल निकाल लिया जाता है और बाजार में बेचने के लिए भेज शकते है।

बादाम की खेती कर के किसान अच्छी कमाई कर शकते है क्यों की बादाम को बच्चे से लेकर बुजर्ग तक खाया जाता है और बादाम का इस्ते मॉल भी बहुत अधिक मात्रा में होता है जैसे की कई प्रकार के मिठाई में ड्राई फ्रूट में और खास बात तो यही है की इस का इस्तेमाल हम शर्दी के मौसम में बहुत करते है ताकि हमारे शरीर को अधिक ताकत भी मिलती है।

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नमस्ते मेरे किसान बंधू एवं मित्रो आज के इस आर्टिकल में हमने आप को बादाम की खेती करने का सही समय एवं तरीका बड़ी आसानी से बताया है।

यह आर्टिकल आप को बादाम की खेती करने के लिए बहुत ही हेल्प फूल होगा ऐसी उम्मीद हम रखते है और यह आर्टिकल आप को पसंद आया है तो आप अपने सगा सबंधी एवं मित्रो और किसान बंधू की ज्यादा से ज्यादा शेयर करे और इस प्रकार की सभी खेती बाड़ी के लिए हमारे इस वेबसईट ikhedutputra.com को सब्सक्राइब (subscribe) करले।

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नमस्कार किसान मित्रो, में Mavji Shekh आपका “iKhedutPutra” ब्लॉग पर तहेदिल से स्वागत करता हूँ। मैं अपने बारे में बताऊ तो मैंने अपना ग्रेजुएशन B.SC Agri में जूनागढ़ गुजरात से पूरा किया है। फ़िलहाल में अपना काम फार्मिंग के साथ साथ एग्रीकल्चर ब्लॉग पर किसानो को हेल्पफुल कंटेंट लिखता हु।

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