चीकू की आधुनिक खेती कैसे करे|Chiku Ki Kheti Keise Kare

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नमस्ते किशान भाईयो आज के इस आर्टिकल में चीकू की खेती कैसे करे (Chiku Ki Kheti Keise Kare) इन के बारे में बारीक़ से जानकारी प्राप्त करेंगे। चीकू की खेती फल के रूप में की जाती है। चीकू की खेती हमारे देश भारत में कई राज्य में किसान करते है।

चीकू की खेती भारत में गुजरात, महाराष्ट्र, कर्णाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और तामिलनाडू, इन के अलावा भी भारत के कई राज्य में चीकू के पौधे को लगाई जाते है। और अधिक मात्रा में किशान उपज करते है और अधिक मात्रा में मुनाफा भी करते है।

चीकू का फल का आकर गोल एवं अंडा आकार के होते है। चीकू खाने में बड़ा स्वादिष्ट होता है चीकू का मूल स्थान मेक्सिको और अमेरिका माना जाता है। किंतु आज के ज़माने में चीकू की कई उन्नत किस्मे हमारे कृषि संसाधन द्वारा तैयार की गई है इस लिए चीकू की बागवानी हमारे देश भारत के कई राज्य में किशान करते है।

चीकू का पौधा बुवाई के बाद तक़रीबन 2 से 4 साल के बाद फल देने लगता है। जब चीकू का पौधा पूरी तरह से विकसित हो जाता है तब चीकू के फल की पैदावार भी बढ़ जाती है। और चीकू का पौधा कई साल तक फल भी देता है।

Chiku Ki Kheti Keise Kare

चीकू के पौधे में नवंबर, दिसंबर महीने में फूल खिलने लगते है और मई महीने में चीकू के फल बड़ा होकर तुड़ाई के लिए तैयार हो जाता है। चीकू के फल की तुड़ाई हल्के कच्चे फल की कीजाती है। चीकू के प्रत्यक पौधे से साल भर में 140 से 150 किलो फल प्राप्त कर शकते है।

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चीकू की खेती कैसे करे (Chiku Ki Kheti Keise Kare)

चीकू के फल खाने में स्वादिष्ट और पोषक तत्व से भरपूर होते है। चीकू के फल कई प्रकार की बीमारी में लोग खाते है। जैसे की तनाव, बवासीर, बुखार, अमीनिया, और पेट सबंधित कई बीमारी में चीकू के फल का सेवन अति लाभकारी होता है।

चीकू के फल में विटामिन ए, विटामिन बी, बिटामिन इ, ग्लूकोज, कैल्शियम, प्रोटीन, एंटी ऑक्सीडेंट गुण, फायबर और भी कई विटामिन और पोषक तत्व अच्छी मात्रा में मौजूद होता है। इसी लिए तो चीकू का फल मानव शरीर के लिए अति लाभदाई बताया गया है।

चीकू के पौधे साल में दो बार फल देते है। इस आर्टिकल में चीकू की खेती की संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी। चीकू की खेती कैसी मिट्टी में करते से चीकू के फल अधिक मात्रा में प्राप्त कर शकते है। चीकू की उन्नत किस्मे कौन कौन सी है। चीकू के पौधे को अनुरूप तापमान एवं जलवायु केसा होता है।

चीकू की खेती में कौन से खाद डालना चाहिए। चीकू की खेती में लगने वाले रोग एवं कीट और चीकू की खेती एक हेक्टर में करे तो कितना मुनाफा प्राप्त कर शकते है। आज के इस आर्टिकल में चीकू की खेती की संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी। इस लीए ए आर्टिकल के अंत तक बने रहे।

चीकू की खेती कैसे करते हैं?

चीकू की खेती में कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे की मिट्टी की पसंदगी, उन्नत किस्मे, तापमान एवं जलवायु, चीकू की खेत तैयारी, इन में खाद कौन कौन से और कितना डाले, चीकू के पौधे पर कौन कौन से रोग एवं कीट अटेक करते है। चीकू की खेती में इस प्रकार की बातो का ध्यान देना चाहिए।

चीकू की खेती विविध किस्मे की खेती विविध मिट्टी में कर शकते है। लेकिन चीकू के पौधे से ज्यादा उपज एवं चीकू के पौधे की अच्छी विकास के लिए चीकू के पौधे अच्छी उपजाव मिट्टी में जैसे की बलुई दोमट मिट्टी में काली मिट्टी में पौधे की रोपाई करनी चाहिए। ताकि पौधे का विकास अच्छे से हो और उत्पादन अधिक मिले।

चीकू के पौधे की बुवाई जीस मिट्टी में करे उस मिट्टी का जल निकास की अच्छी वयवस्था होनी चाहिए और उस मिट्टी का पी.एच मान 5 से 8 के बिच का होना चाहिए। चीकू के पौधे लवणीय मिट्टी में भी आसानी से विकास करते है।

चीकू के पौधे अर्द्ध शुष्क जलवायु में अच्छी वृद्धि करते है। और चीकू के पौधे को तापमान 10°C से 35°C तक का तापमान में अच्छे से विकास करता है पर अधिक तापमान 40°C तक का सहन कर शकता है इन से ऊपर का तापमान चीकू के पौधे को हानि पहुंचाता है।

चीकू की खेती में खेत तैयारी में दो से तीन बार गहेरी जुताई कर के जमीन को समतल करने के लिए पाटा चलाके खड्डा तैयार कर लिया जाता है। इन खड्डो को पंक्ति में तैयार करते है। चीकू के पौधे से पौधे की दुरी 20 X 20 की रखनी चाहिए। और पंक्ति से पंक्ति की दुरी 4.5 से 6.5 मीटर की रखनी चाहिए।

चीकू के पौधे लगाने के लिए खड्डा में देशी खाद (जैविक खाद) और रासायनिक खाद अच्छे से मिट्टी में मिला के उन खड्डो को भर देना चाहिए। और उस खड्डो की हल्की सिंचाई कर लेनी चाहिए। इन के बाद इन खड्डो में चीकू के पौधे की रोपाई करते है।

चीकू की कौन सी किस्म सबसे अच्छी होती है?

चीकू की कई सारी उन्नत किस्मे है। इन में से कालीपट्टी और पाला किस्मे के फल साइज में सब से बड़े और स्वाद में भी काफी मीठे होते है। इस किस्मे के चीकू के फल के गूदे हल्का हरे रंग का रसीला और आकार में अंडा आकार के फल होते है। इन के अलावा भी चीकू की कई उन्नत किस्मे है।

चीकू की प्रसिद्ध किस्मे के नाम कुछ इस प्रकार के है। पिली पती, ढोला दीवानी, काली पति, बारहमासी, पोत सपोटा, वावी वाल्सा, मुरब्बा बहरू, और गंधेव इन के अलावा भी चीकू की उन्नत किस्मे है इन की बुवाई कर के किशान अच्छी पैदावार प्राप्त कर शकते है।

चीकू के पौधे के लिए कौन सा उर्वरक सबसे अच्छा है?

चीकू के पौधे को योग्य समय खाद देना खुबज जरूरी है। खाद से चीकू के पौधे की अच्छी विकास होती है और पौधे पर लगे फूल एवं फल की विकास भी अच्छी होती है। चीकू के पौधे के लिए अच्छे से सड़ा गोबर की खाद चीकू के पौधे की बुवाई से पहेले खड्डो में अच्छे से मिट्टी में मिलाके इन खड्डो को भर दिया जाता है।

चीकू के पौधे या पेड़ को नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, यूरिया, एसएसपी, और जिंक, सल्फर भी योग्य मात्रा में दाल शकते है। चीकू के पेड़ पर जब फूल दिखाई दे तब योग्य मात्रा में खाद डाल के सिंचाई करे ताकि चीकू के पेड़ से फूल न जड़े और अधिक मात्रा में इन फूलो से फल बन जाए।

चीकू के पौधे को सर्दी के मौसम में अधिक पानी की जरूरत नहीं होती पर गर्मी के मौसम में चीकू के पौधे को 10 से 15 दिन के अंतर में सिचाई करे। और जब फल फूल चीकू के पेड़ पर दिखे तब सिंचाई की अधिक जरूरत होती है।

आप चीकू के पौधे की देखभाल कैसे करते हैं?

चीकू के पौधे की देखभाल अच्छे से करनी चाहिए। ज्यादा उपज के हेतु देखभाल भी अच्छी करनी चाहिए। चीकू के पौधे की देखभाल इस प्रकार से कर शकते है। चीकू के पौधे के आस पास बिन जरुरी घास अंकुरित होता है तब खुरपी से निदाई गुड़ाई करनी चाहिए।

चीकू के पेड़ पर फल फूल लगने लगते है तब कई प्रकार के रोग एवं कीट अटेक करते है तब योग्य दवाई का छड़काव कर के चीकू के पेड़ को उस रोग एवं कीट से मुक्त करना चाहिए। चीकू के पेड़ में इस प्रकार के रोग एवं कीट अटेक करते है।

जैसे की पत्ते का जाला, कली की सुंडी, बालों वाली सुंडी, पत्तों पर धब्बा रोग, तने का गलना, एंथ्राक्नोस, पतों का पीला पड़ के गिरजाना, फल पर सफ़ेद रंग की फफूंदी, इस प्रकार के रोग एवं कीट चीकू के पेड़ पर ज्यादा तर दिखाई देते है।

चीकू की बागवानी में लगने वाले रोग एवं कीट

चीकू की बागवानी में भी अन्य फसल की तरह कई रोग एवं कीट अटैक करते है। जैसे की धब्बा रोग, तने का गलना, एंथ्राक्नोस, पत्ते का जाला, कली की सुंडी, बालों वाली सुंडी इस प्रकार के रोग एवं कीट दिखाई देते है।

धब्बा रोग : चीकू के पौधे पर यह एक प्रमुख रोग है। यह रोग का अटैक होने से पत्तो का रंग गहरे जमुनी भूरे रंग का होता है। और पत्ता माध्यम से सफ़ेद रंग का दिखाई देता है। यह सिर्फ पत्तो पर नहीं बल्कि नई पंखुड़ियों और तने पर भी अटैक करता है। इन के नियंत्रण के लिए आप कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का इस्तेमाल कर शकते है।

तने का गलना : चीकू के पौधे पर इस रोग के अटैक होने से पतों पर जाला लग जाता है। इन के कारण पत्तो धीरे धीरे सूखने लगते है। जो टहनिया होती है वे भी गिरने लगती है। इन के नियंत्रण के लिए आप कार्बरील और क्लोरपाइरीफॉस दोनों को अच्छे से मिला के पानी में घोल बना के छिड़काव करे।

चीकू की उपज एक हेक्टर में कितनी प्राप्त हो शक्ती है?

चीकू के पत्येक पेड़ से साल भर की उपज 120 से 130 किलोग्राम पैदावार प्राप्त कर शकते है। एक हेक्टर की बात करे चीकू के पेड़ लगभग 300 पेड़ लगा शकते है। इन से साल भर की पैदावार 20 से 25 टन प्राप्त हो शकते है।

चीकू के फल का बाजार भाव अच्छा मिले तो एक साल में किशान 5 से 6 लाख की कमाई आसानी से कर शकते है।

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FAQ’s – चीकू की खेती कैसे करे (Chiku Ki Kheti Keise Kare)

चीकू के फूल क्यों झड़ जाते हैं?

चीकू के फूल जब झड़ ने लगे तब समझलेना की हार्मोन और नाइट्रोजन की कमी है। चीकू के फूल झड़ ने लगे तब योग्य मात्रा में बोरोन सिचाई के मध्य से देनी चाहिए।

चीकू का पेड़ कितने दिन में फल देने लगता है?

चीकू का पेड़ बुवाई के बाद ठीक एक या दो साल में फल देने लगते है पर जब चीकू का पेड़ 5 से 7 साल का पुराना हो जाता है तब पैदावार भी अधिक प्राप्त होती है इस प्रकार चीकू का पेड़ कई साल तक पैदावार देता रहता है।

चीकू का बीज कब बोया जाता है?

चीकू का बीज साल भर में किसी भी महीने में बोया जा शकता है। पर सिंचाई की अच्छी वयवस्था होनी चाहिए। वार्ना ज्यादा तर चीकू के बीज की बुवाई फरवरी या मार्च में और अगस्त या अक्टूबर के महीने में करते है।

चीकू किस मौसम में मिलता है?

आज के ज़माने में चीकू की कई किस्मे मौजूद है इस लिए पुरे साल भर मंडियों में चीकू मिलते है। पर कई उन्नत किस्मे है जो फरवरी से मार्च और जुलाई से दिसंबर तक चीकू मिलता है।

चीकू खाने से कौन सा विटामिन मिलता है?

चीकू खाने से विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, और कैल्शियम, फाइबर, प्रोटीन, मेग्नेशियम जैसे पोषक तत्व अच्छी मात्रा में मौजूद होता है

सारांश – चीकू की खेती कैसे करे (Chiku Ki Kheti Keise Kare)

नमस्ते किशान भाईयो इस आर्टिकल के माध्यम से आपको चीकू की खेती कैसे करे (Chiku Ki Kheti Keise Kare) इन के बारे में बारीक़ से जानकारी होगी। और चीकू की उन्नत किस्मे कौन कौन सी है। इन के बारेमे भी बहुत कुछ जानने कोहोगा।

चीकू की खेती कब और कैसे की जाती है और चीकू की खेती एक हेक्टर में करे तो उपज कितनी प्राप्त कर शकते है। और चीकू की खेती में कौन कौन से खाद और कितना देना चाहिए। इन के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला होगा।

चीकू की खेती में ए आर्टिकल आप को बहुत हेल्पफुल होगा। और ए आर्टिकल आप को बहुत पसंद भी आया होगा। इस लिए ए आर्टिकल को अपने सबंधी एवं मित्रो और किशान भाई को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। इस आर्टिकल के अंत तक बने रहने के लिए आप का बहुत बहुत धन्यवाद।

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नमस्कार किसान मित्रो, में Mavji Shekh आपका “iKhedutPutra” ब्लॉग पर तहेदिल से स्वागत करता हूँ। मैं अपने बारे में बताऊ तो मैंने अपना ग्रेजुएशन B.SC Agri में जूनागढ़ गुजरात से पूरा किया है। फ़िलहाल में अपना काम फार्मिंग के साथ साथ एग्रीकल्चर ब्लॉग पर किसानो को हेल्पफुल कंटेंट लिखता हु।

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