ड्रैगन फ्रूट की खेती कब और कैसे की जाती है? | Dragon Fruit Ki Kheti Kab Aur Kese Ki Jati He

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नमस्ते किशान भाईयो आज के इस आर्टिकल में हम ड्रैगन फ्रूट की खेती कब और कैसे की जाती है (Dragon Fruit Ki Kheti Kab Aur Kese Ki Jati He) इस के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त करेंगे और जानेगे। ड्रैगन फ्रूट को हमारे देश भारत में कमलम के नाम से भी जाने जाते है।

ड्रैगन फ्रूट की कई सारी किस्मे है। इन किस्मे में विविध किस्मे के ड्रैगन फ्रूट के अंदर के गुदा भी विविध रंग के होते है। कई किस्मे के ड्रैगन फ्रूट के अंदर के गुदा सफ़ेद रंग के तो कई किस्मे के ड्रैगन फ्रूट के अंदर के गुदा लाल रंग के और कई किस्मे के ड्रैगन फ्रूट के अंदर के गुदा गुलाबी रंग के होते है।

ड्रैगन फ्रूट देखने में कमल के जैसा ही दीखता है। और ड्रैगन फ्रूट के ऊपरी हिच्छे में कमल की तरह पंखुडिया भी होती है। ड्रैगन फ्रूट की खेती आज के ज़माने में हमारे देश के कई राज्य में किशान करते है और अच्छा मुनाफा भी ड्रैगन फ्रूट के फल बेच के प्राप्त करता है।

Dragon Fruit Ki Kheti Kab Aur Kese Ki Jati He
ड्रैगन फ्रूट की खेती कब और कैसे की जाती है (Dragon Fruit Ki Kheti Kab Aur Kese Ki Jati He)

ड्रैगन फ्रूट की खेती भारत के गुजरत, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडू, ओडिसा, आंध्र प्रदेश और भी राज्य में किशान बड़े पैमाने में ड्रैगन फ्रूट की खेती करते है। ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए 20℃ से 32℃ तक के तापमान अच्छा माना जाता है इन के ऊपर का तापमान ड्रैगन फ्रूट के पौधे को नुकशान पंहुचा शकता है।

वर्तमान समय में ड्रैगन फ्रूट की ज्यादातर खेती भारत में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में की जाती है। कुछ समय से इसकी खेती उत्तरप्रदेश में की जाने लगी है। यहां कई किसान इसकी खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं

ड्रैगन फ्रूट खाने में बड़ा स्वादिष्ट होता है। ड्रैगन फ्रूट में से कई प्रकार की बीमारी की दवाई भी बनाई जाती है। और कई बीमारी के इलाज एवं रहत भी मिलती है। इन में से डायाबिटीज, कोलेस्टॉल को कंट्रोल करने में एवं अटेक जैसी बीमारी से बचाव करना और मानव शरीर में पोषक तत्व की कमी को पूरा करने में भी ड्रैगन फ्रूट काफी मददगार साबित होता है।

ड्रैगन फ्रूट मे से आइसक्रीम, जूस, जेली, और वाइन भी बताने है। आइसक्रीम में विटामिन और कई पोषक तत्व भी भारी मात्रा में मौजूद होता है। ड्रैगन फ्रूट में विटामिन सी एवं फाइबर और प्रोटीन भी अच्छी मात्रा में मौजूद होते है।

ड्रैगन फ्रूट की खेती कब और कैसे की जाती है? (Dragon Fruit Ki Kheti Kab Aur Kese Ki Jati He)

ड्रैगेन फ्रूट की खेती मार्च, जून, जुलाई, और अगस्त महीने में ज्यादा तर किशान करते है। और इस समय को ड्रैगेन फ्रूट की खेती के लिए सही माना जाता है। ड्रैगेन फ्रूट की खेती दो प्रकार से कर शकते है। एक ड्रैगेन फ्रूट के बीज की बुवाई कर के और ड्रैगेन फ्रूट के पौधे की बुवाई खड्डा खोद के कर शकते है।

ड्रैगेन फ्रूट की खेती में खड्डा की साइज 60 सैमी गहरा और 60 सैमी चौड़ा खड्डा खोदना चाहिए। बाद में इन खड्डो में वर्मीकम्पोष्ट और अच्छे से सड़ी गोबर की खाद मिट्टी में मिला के इन खड्डो को पूरी तरह से भरदेना चाहिए। बाद में ड्रैगन फ्रूट के पौधे की बुवाई करनी चाहिए।

ड्रैगन फ्रूट की अच्छी विकास के लिए खम्भे की आवश्यकता होती है। और प्रत्यक खम्भे की दुरी 2 से 3 मीटर की रखनी चाहिए। ड्रैगन फ्रूट की बुवाई बीज बुवाई कर के भी कर शकते है किंतु पौधे की बुवाई करना सरल रहता है इस लिए ज्यादा तर किशान ड्रैगन फ्रूट के पौधे की ही बुवाई करते है।

ड्रैगन फ्रूट की खेती छाव वाली जगह पर करनी चाहिए। ड्रैगन फ्रूट के पौधे 20℃ से 32℃ तक के तापमान सहजता से सहन कर शकता है। इन के अधिक तापमान ड्रैगन फ्रूट के पौधे एवं ड्रैगन फ्रूट के फल को हानि पंहुचा शकता है।

ड्रैगन फ्रूट कौन से महीने में लगाया जाता है?

ड्रैगन फ्रूट मार्च से अगस्त महीने के बिच में लगाया जाता है। ड्रैगन फ्रूट के पौधे सामान्य तापमान में अच्छे से विकास करता है। ड्रैगन फ्रूट के पौधे छावदार जगह पर लगाया जाता है। ड्रैगन फ्रूट के पौधे बारिश के मौसम में नहीं लगाया जाता।

ड्रैगन फ्रूट के पौधे या बीज को आम तो साल के किसी भी महीने में कर शकते है। पर ज्यादा तर ड्रैगन फ्रूट के पौधे या बीज मार्च या अगस्त के महीने में लगते है। ड्रैगन फ्रूट के पौधे को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती ड्रैगन फ्रूट के पौधे को कम पानी की आवश्यकता होती है।

ड्रैगन फ्रूट की खेती हमारे देश में कई विस्तार में किशान करते है। ड्रैगन फ्रूट की खेती कम बारिश वाले विस्तार में भी अच्छे से की जाती है।

ड्रैगन फ्रूट के लिए सबसे अच्छी मिट्टी कौन सी है?

ड्रैगन फ्रूट की खेती आम तो सभी प्रकार की मिट्टी में की जा शक्ती है। लेकिन ड्रैगन फ्रूट के पौधे की अच्छी विकास और ड्रैगन फ्रूट के फल की अच्छी वृद्धि के लिए बलुई दोमट मिट्टी में करनी चाहिए। ड्रैगन फ्रूट की खेती जीस मिट्टी में करे उस मिट्टी का पीएच मान 5.5 से 7.5 के बिच का होना चाहिए।

ड्रैगन फ्रूट की खेती रेतीली मिट्टी में और दोमट मिट्टी में भी कर शकते है। ड्रैगन फ्रूट की खेती में खेत तैयारी में दो से तीन बार गहरी जुताई करनी चाहिए। बाद में पाटा चला के जमीन को समतल कर लेना चाहिए। और बेड बना के भी ड्रैगन फ्रूट के पौधे की बुवाई कर शकते है।

ड्रैगन फ्रूट की खेत तैयारी में वर्मीकम्पोष्ट एवं गोबर की खाद और फास्फेट भी दाल के अच्छे से मिट्टी में मिला देना चाहिए।

ड्रैगन फ्रूट की खेती कैसे और कब करें?

ड्रैगन फ्रूट की खेती बीज बुआई कर के और पौधे के बुवाई कर के की जाती है। ड्रैगन फ्रूट की खेती बारिश के मौसम में नहीं करनी चाहिए। इन के बाद किसी भी समय ड्रैगन फ्रूट के पौधे या बीज की बुवाई कर शकते है।

ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए खड्डा खोदा जाता है और इन खड्डो में योग्य खाद डाल के इन खड्डो को भरा जाता है बाद में ड्रैगन फ्रूट के पौधे या बीज बुवाई करते है।

क्या हम घर पर ड्रैगन फ्रूट उगा सकते हैं?

ड्रैगन फ्रूट हम घर पर भी ऊगा सकते है। क्यों की ड्रैगन फ्रूट का पौधा ज्यादा उचा और ज्यादा फैलाता नहीं है ड्रैगन फ्रूट के पौधे की अच्छी वृद्धि के लिए पौधे को किसी न किसी सहारे की आवश्यकता होती है।

ड्रैगन फ्रूट के पौधे को ज्यादा पानी की भी जरूरत नहीं होती है। इस लिए ड्रैगन फ्रूट के पौधे घर पे और उधान में आसानी से उगाया जा शकता है। ड्रैगन फ्रूट में विटामिन एवं मानव शरीर

ड्रैगन फ्रूट की खेती में खाद कैसे डालें

ड्रैगन फ्रूट के पौधे की अच्छी विकास के लिए योग्य समय पर अच्छी मात्रा में खाद देना चाहिए। ड्रैगन फ्रूट के पौधे को 13 से 15 टन सड़ी गोबर की खाद डाल शकते है। इन के अलावा रासायनिक खाद में नाइट्रोजन, सुपर फास्फेट, पोटाश, और यूरिया इस प्रकार के खाद देना चाहिए।

ड्रैगन फ्रूट के पौधे को हर साल खाद की मात्रा बाताढे रहना चाहिए। ड्रैगन फ्रूट के प्रत्येक पौधे को पोटाश 40 ग्राम, फास्फोरस 80 ग्राम, यूरिया 65 ग्राम, और नाइट्रोजन योग्य मात्रा में देना चाहिए।

ड्रैगन फ्रूट की खेती में जब भी पौधे पर फूल एवं फल दिखाई दे तब खाद की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। जब ड्रैगन फ्रूट के पौधे पर फल फूल दिखाई दे तब पोटाश की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए।

ड्रैगन फ्रूट की खेती अगर आप एक हेक्टर में करे तो ड्रैगन फ्रूट की पहेली तुड़ाई 450 से 550 किलोग्राम की उपज प्राप्त कर शकते है। किंतु जब ड्रैगन फ्रूट के पौधे 5 से 6 साल के हो जाता है तब एक हेक्टर में से 12 से 15 टन तक की उपज प्राप्त हो शक्ति है।

ड्रैगन फ्रूट के पौधे 20 से 25 साल तक अच्छे से उपज देता है। ड्रैगन फ्रूट के फल की मांग बाजार में बहुत होती है इस लिए किशान ड्रैगन फ्रूट के दाम भी अच्छा मिलता है। ड्रैगन फ्रूट की खेती में लगत कम होती है और मुनाफा ज्यादा होता है।

ड्रैगन फ्रूट की खेती से पहेला साल 60 से 10,0000 एक लाख तक का मुनाफा कर शकते है। बाद में हर साल मुनाफा बढ़ता जाता है।

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FAQ’s

Q-1. ड्रैगन फ्रूट कितने दिन में फल देने लगता है?

Answer : ड्रैगन फ्रूट के बीज की बुवाई की है तो ड्रैगन फ्रूट के फल 5 से 6 साल बाद फल देते है। पर ड्रैगन फ्रूट के पौधे की बुवाई की है तो 1 से 2 साल बाद फल देते है।

Q-2. ड्रैगन फ्रूट फूल आने के बाद बढ़ने में कितना समय लगता है?

Answer : ड्रैगन फ्रूट के पौधे में फूल आने के बाद फल बन कर पक जाने में 30 से 35 दिन का समय लगता है।

Q-3. ड्रैगन फ्रूट खेती में सिंचाई कब करनी चाहिए?

Answer : ड्रैगन फ्रूट की खेती में ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती पर ड्रैगन फ्रूट के पौधे पर जब फूल फल आने लगे तब सिंचाई अवश्य करनी चाहिए। ताकि पौधे के साथ साथ फूल फल की भी अच्छे से वृद्धि हो शके।

Q-4. ड्रैगन फ्रूट की खेती कहां होती है?

Answer : ड्रैगन फ्रूट की खेती थाईलैंड में सब से ज्यादा होती है। ड्रैगन फ्रूट की खेती आज के ज़माने में हमारे देश भारत में भी कई राज्य में किशान करते है और बड़े पैमाने में मुनाफा भी करते है।

Q-5. क्या हम भारत में ड्रैगन फ्रूट उगा सकते हैं?

Answer : ड्रैगन फ्रूट के पौधे भारत में कई राज्य में किशान उगाते है और अच्छी इंकम भी करते है। इस लिए ड्रैगन फ्रूट की खेती भारत के इस विस्तार में किशान करते है और अच्छे से वृद्धि भी होती है इस लिए भारत में विविध विस्तार में ड्रैगन फ्रूट की विविध किस्मे की बुवाई कर के ड्रैगन फ्रूट उगा सकते है।

सारांश (Dragon Fruit Ki Kheti Kab Aur Kese Ki Jati He)

नमस्ते किशान भाईयो इस आर्टिकल के माध्यम से आपको ड्रैगन फ्रूट की खेती कब और कैसे की जाती है (Dragon Fruit Ki Kheti Kab Aur Kese Ki Jati He) इन के बारे में बारीक़ से जानकारी मिलेगी। और ड्रैगन फ्रूट की उन्नत किस्मे कौन कौन सी है। इन के बारेमे भी बहुत कुछ जानने को मिलेगा।

ड्रैगन फ्रूट की खेती कब और कैसे की जाती है और ड्रैगन फ्रूट की खेती एक हेक्टर में करे तो उपज कितनी प्राप्त कर शकते है। और ड्रैगन फ्रूट की खेती में कौन कौन से खाद और कितना देना चाहिए। इन के बारे में बहुत कुछ जानने को मिलेगा।

ड्रैगन फ्रूट की खेती में ए आर्टिकल आप को बहुत हेल्पफुल होगा। और ए आर्टिकल आप को बहुत पसंद भी आया होगा। इस लिए ए आर्टिकल को अपने सबंधी एवं मित्रो और किशान भाई को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। इस आर्टिकल के अंत तक बने रहने के लिए आप का बहुत बहुत धन्यवाद।

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नमस्कार किसान मित्रो, में Mavji Shekh आपका “iKhedutPutra” ब्लॉग पर तहेदिल से स्वागत करता हूँ। मैं अपने बारे में बताऊ तो मैंने अपना ग्रेजुएशन B.SC Agri में जूनागढ़ गुजरात से पूरा किया है। फ़िलहाल में अपना काम फार्मिंग के साथ साथ एग्रीकल्चर ब्लॉग पर किसानो को हेल्पफुल कंटेंट लिखता हु।

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