काले जामुन की खेती कब और कैसे करें|काले जामुन की खेती इस तरीके से करे और पाए हर साल दो गुना मुनाफा

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ikhedutputra ब्लॉग में आप सभी किशान भाईयो का दिल से स्वागत है। आज के इस आर्टिकल में हम काले जामुन की खेती कब और कैसे करें (Kale Jamun Ki Kheti Kab Aur Kaise Kare) के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे।

जामुन एक सदाबहार का पेड़ है। जामुन का पूर्ण विकसित वृक्ष की उचाई 25 से 35 किट की होती है। जामुन को हम कई नाम से जानते है। जैसे की राजमन, ब्लैकबेरी, जामुन, और जमाली जैसे नाम से जाना जाता है।

जामुन का फल छोटा और बैगन के रंग जैसा होता है। जामुन का फल खाने से कई प्रकार के लाभ होता है। जामुन के फल खाने से कई बीमारी का ईलाज और कई बीमारी में राहत भी मिलती है।

काले जामुन की खेती कब और कैसे करें

जामुन का पेड़ कई जगह हमें उपयोगी है। जामुन के फल खाने में बड़े स्वादिष्ट होता है और इस फल में से जैम, जेली,शरबत, और कई लोग तो इस का उपयोग शराब बनाने में भी करते है।

जामुन में कई पोषक तत्व एवं विटामिन अधिक मात्रा में पाए जाते है। जैसे की फास्फोर, कैल्शियम, मेग्नेशियम, आयरन, और विटामिन एवं मिनरल्स भी अधिक मात्रा में मौजूद होते है।

जामुन में औषोधिक गुण भी अच्छी मात्रा में पाए जाते है। जामुन में एंटी ऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में मौजूद होता है। वे रोग प्रतिकारक शक्ति को बढ़ावा देता है।

जामुन की मांग बाजार में बहुत होती है। इस लिए अगर आप भी जामुन की खेती (jamun farming) करना चाहते है तो आप सही आर्टिकल पर है।

आज के इस आर्टिकल में जामुन की फार्मिंग की संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी और जामुन की खेती के बारेमे जो भी सवाल आप के मन में है इन सारे सवाल के जवाब इस आर्टिकल के अंत तक मिल जाएंगे।

काले जामुन की खेती कब और कैसे करें?

काले जामुन की खेती (Kale Jamun Ki Kheti) ज्यादा तर किसान जून, से जुलाई महीने में करते है। तो कई विस्तार में अगस्त महीने में भी की जाती है।

काले जामुन की खेती में इन बातो का ध्यान रखना चाहिए। जैसे की मिट्टी की पसंदगी, तापमान एवं वातावरण, जामुन की फार्मिंग में कौन सा खाद और कब देना चाहिए।

जामुन की खेती में सिंचाई कब और कैसे करे, जामुन के पेड़ (वृक्ष) में लगने वाले रोग एवं उपचार, जामुन की एक हेक्टर में बुवाई करे तो उपज कितनी प्राप्त कर शकते है।

जामुन की फार्मिंग की सारि जानकारी दी जाएगी।

जामुन के लिए कौन सी मिट्टी सबसे अच्छी होती है?

जामुन के पौधे हर मिट्टी में लगाई जाते है। पर जामुन के पेड़ की अच्छी विकास और जामुन के अधिक पैदावार के लिए जामुन के पौधे ज्यादा उपजाऊ मिट्टी में करनी चाहिए।

जामुन के पौधे बालुई दोमट मिट्टी में अच्छे से वृद्धि करते है। जामुन के पौधे जीस मिट्टी में बुवाई करे इस मिट्टी का जल निकास अच्छे से हो जाना चाहिए।

जामुन के पेड़ की बुवाई के लिए जमीन का पी.एच मान 5.5 से 7.5 के बिचका होना चाहिए।

जामुन का पौधा उष्णकटिबंधीय एवं समशीतोष्ण जलवायु में अच्छे से विकास करता है। जामुन का पौधा शर्दी के मौसम में अच्छे से वृद्धि नहीं कर शकता शर्दी के मौसम में पड़ने वाला पाला जामुन के पौधे को नुकशान पहुंचाता ता है।

जामुन के पौधे को 20°C से 25°C तक का तापमान अनुकूल माना जाता है। पर इन से अधिक तापमान जामुन के फल के लिए हानि पहुंचाता है।

जामुन की सबसे अच्छी किस्म कौन सी है?

जामुन की कई सारी उन्नत किस्मे भारत में मौजूद है। इन में से कुछ किस्मे के नाम कुछ इस प्रकार के है।

जामुन की सब से अच्छी किस्मे राजा जामुन है। इन के अलावा भी गोमा प्रियंका, भादो, सी.आई.एस.एच. जे 45, री जामुन आदि जामुन की उन्नत किस्मे है।

जामुन की इन किस्मे की रोपाई कर के किसान अधिक उपज लेते है और उपज के साथ साथ अधिक मुनाफा भी करते है।

राजा जामुन : इस जामुन की वैराइटी का उत्पादन अधिक मात्रा में किसान करते है। इस किस्मे के जामुन के फल खाने में बड़े स्वाद के होते है और फल का रंग बैगन जैसा होता है।

गोमा प्रियंका : इस जामुन की वैराइटी को गुजरात में केन्द्रीय बागवानी प्रयोग केन्द्र द्वारा गोधरा में तैयार किया गया है। इन किस्मे के जामुन के फल में गूदा की मात्रा ज्यादा होती है। और फल बड़े रसीले होते है।

भादो : जामुन की इस किस्मे के फल बारिश के मौसम में पाक के तैयार हो जाता है। जामुन की इस वैराइटी के फल गहरे हरे रंग के होते है। और स्वाद में खट्टे मीठे लगते है।

CISHJ 45 : इस वैराइटी को उत्तर प्रदेश के सेंट्रल फॉर सब ट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर ऑफ़ द्वारा लखनऊ में तैयार किया गया है। इस जामुन की किस्मे की फार्मिंग उतर प्रदेश, गुजरात, बिहार और पंजाब के कुछ विस्तार में किसान करते है।

री जामुन : जामुन की इस वैराइटी बारिश के मौसम में ज्यादा पैदावार देती है और इस वैराइटी की अधिक रोपाई पंजाब और गुजरात राज्य में होती है।

जामुन के पेड़ की देखभाल कैसे करें?

जामुन के पेड़ की देखभाल अच्छे से करनी चाहिए। जामुन के पेड़ पौधे की अच्छी वृद्धि के लिए और जामुन के फल की अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए जामुन के पेड़ की इस प्रकार देखभाल करे।

जामुन के पौधे या पेड़ को जब फल आने लगे तब योग्य मात्रा में खाद डाले और सिंचाई भी करे। इन के अलावा जब जामुन के पेड़ पर फल आते है तब कई पक्षी अटेक करते है इन पक्षी से फल की सुरक्षा के लिए जाली का उपयोग करे।

जामुन के फल आने लगे तब कई सारे रोग एवं कीट भी अटेक करते है तब योग्य दवाई का छिड़काव करे और जामुन के फल और जामुन के पेड़ को इस रोग एवं कीट से बचाना होगा।

जामुन के पेड़ को कौन सा खाद डालना चाहिए

जामुन के पेड़ को खाद देना बेहद जरूरी है। खाद देने से जामुन के फल की पैदावार में काफी बड़ोतरी देखने को मिलेगी। और उपज भी ज्यादा प्राप्त होगी।

जामुन के पेड़ को हर साल 13 से 15 किलोग्राम अच्छे से सड़ी गोबर की खाद देनी चाहिए। और ए खाद हर साल देनी चाहिए।

जामुन के पेड़ को गोबर की खाद के साथ रासायनिक खाद भी दे शकते है।

जामुन की उपज

जामुन एक हेक्टर में करे तो 240 से 250 पौधे की बुवाई कर शकते है। जामुन का पौधा बुवाई के बाद ठीक 5 से 6 साल बाद पैदावार देता है। जामुन का 8 से 10 साल का हो जाए तब प्रत्येक पौधे से 70 से 90 किलोग्राम फल प्राप्त कर शकते है।

जामुन की की खेती एक हेकता में करे तो 200 से 250 क्विंटल तक की उपज प्राप्त कर शकते है। जामुन का बाजारी भाव अच्छा होता है। इस लिए जामुन के दाम भी अच्छा मिलता है।

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FAQ’s

जामुन कौन से महीने में लगते हैं?

जामुन के पौधे जून से जुलाई महीने में लगाई जाते है। पर कई किसान अगस्त महीने में भी जामुन के पौधे लगाते है।

जामुन कितने साल बाद फल देता है?

जामुन के पौधे बुवाई के बाद 5 से 6 साल बाद फल देना आरंभ कर देते है और जब जामुन के पेड़ 8 से 10 साल के हो जाए तब प्रत्येक पेड़ से 70 से 90 किलोग्राम फल प्राप्त कर शकते है।

जामुन का पेड़ कितने साल फल देता है?

जामुन के पेड़ बुवाई के बाद 5 से 6 साल बाद फल देने लगते है और वही पेड़ 60 से 80 साल तक लगातार पैदावार देते है।

जामुन के पेड़ को कौन सा खाद देना चाहिए?

जामुन के पेड़ की अच्छी विकास और पेड़ पर लगे फल की पैदावार की बढ़ोतरी के लिए अच्छे से सड़ा गोबर की खाद देनी चाहिए।

जामुन की उन्नत किस्मे?

जामुन की उन्नत किस्मे के नाम कुछ इस प्रकार के है। राजा जामुन, गोमा प्रियंका, भादो, सी.आई.एस.एच. जे 45, री जामुन इन ले अलावा भी कई सारी जामुन की प्रशिद्ध किस्मे है।

सारांश

नमस्ते किशान भाईयो इस आर्टिकल के माध्यम से आपको काले जामुन की खेती कब और कैसे करें (Kale Jamun Ki Kheti Kab Aur Kaise Kare) इन के बारे में बारीक़ से जानकारी मिलेगी।

जामुन की उन्नत किस्मे कौन कौन सी है। इन के बारेमे भी बहुत कुछ जानने को मिला होगा। जामुन की खेती कब और कैसे की जाती है इन के बारे में भी बहुत कुछ बताया है।

जामुन की खेती एक हेक्टर में करे तो उपज कितनी प्राप्त कर शकते है। और जामुन की खेती में कौन कौन से खाद और कितना देना चाहिए। इन के बारे में बहुत कुछ जानने को मिलेगा।

जामुन की खेती में ए आर्टिकल आप को बहुत हेल्पफुल होगा। उम्मीद रखते है की ए आर्टिकल आप को बहुत पसंद भी आया होगा। इस लिए ए आर्टिकल को अपने सबंधी एवं मित्रो और किशान भाई को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे।

जामुन की खेती कब और कैसे करे इन आर्टिकल के अंत तक बने रहने के लिए आप का बहुत बहुत धन्यवाद

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नमस्कार किसान मित्रो, में Mavji Shekh आपका “iKhedutPutra” ब्लॉग पर तहेदिल से स्वागत करता हूँ। मैं अपने बारे में बताऊ तो मैंने अपना ग्रेजुएशन B.SC Agri में जूनागढ़ गुजरात से पूरा किया है। फ़िलहाल में अपना काम फार्मिंग के साथ साथ एग्रीकल्चर ब्लॉग पर किसानो को हेल्पफुल कंटेंट लिखता हु।

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