Top 4 Varieties Of Peanuts : मूंगफली की टॉप 4 किस्में जो ज्यादा उत्पादन देती है।

WhatsApp Group (Join Now) Join Now
Telegram Group (Join Now) Join Now
1/5 - (1 vote)
Mungfali Ki Unnat Kism

Top 4 Varieties Of Peanuts : मूंगफली की टॉप 4 किस्में : किसान भाई भारत में मूंगफली की कई लोकप्रिय किस्में हैं। मूंगफली देश की सबसे बड़ी तिलहन फसल है और यह देश में वनस्पति तेल की कमी को पूरा करने में प्रमुख भूमिका निभाती है। भारत में, वे पूरे वर्ष उपलब्ध रहते हैं, दो-फसल चक्र के कारण, कटाई आमतौर पर मई ‘रबी’ फसल मौसम और अक्टूबर ‘खरीफ’ फसल मौसम दोनों में होती है।

किसान भारत के प्रमुख मूंगफली उत्पादक राज्यों गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान में जब मूंगफली की किस्मों की बात आती है तो उनमें अद्वितीय विशेषताएं और विशेषज्ञता होती है। भारत में मूंगफली का सबसे ज्यादा उत्पादन गुजरात में होता है। और मूंगफली की उन्नत किस्म से अधिक उत्पादन भी प्राप्त होता है और अधिक कमाई भी होती है।

मूंगफली की टॉप 3 किस्में (Top 4 Varieties Of Peanuts)

किसान भाई आज हम आपको मूंगफली की टॉप 4 किस्में के बारे में बताने वाले है। जैसे की (1) गिरनार-2 (Girnar-2), (2) आर.जी-425 (R.G-425), (3) एच.एन.जी-10 (H.N.J-10) और (4) गंगापुरी (Gangapuri) यह किस्में सबसे ज्यादा उत्पादन देने वाली है। इस लिए आप मूंगफली की खेती करना चाहते है तो इस किस्में की खेती करे और अच्छा उत्पादन मिल सकता है।

(1) गिरनार-2 (Girnar-2)

मूंगफली की इस किस्म को गुजरात में गिरनार के नाम से भी जाना जाता है। इसको मध्यम समय में अधिक पैदावार देने के लिए तैयार किया गया है। इस किस्म के पौधे सामान्य ऊंचाई के पाए जाते हैं। इनकी पत्तियां हरे रंग की और फूल पीले रंग के होते हैं। इस किस्म के पौधे बीज रोपाई के लगभग 121 से 125 दिन बाद खुदाई के लिए तैयार हो जाते हैं। इनका प्रति हेक्टेयर उत्पादन 25 से 30 क्विंटल के बीच पाया जाता है. इसके दानों में तेल की मात्रा 48% के आसपास पाई जाती है।

(2) आर.जी-425 (R.G-425)

आर.जी-425 (R.G-425) यह मूंगफली की किस्म भारत के सभी जगह पर इसकी खेती होती है। यह ज्यादा उत्पादन देने के लिए जानी जाती है। इसके पौधे मध्यम आकर के होते है। इसके डेन बड़े होते है। यह मध्य भारत में सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। स किस्म के पौधे बीज रोपाई के लगभग 125 से 130 दिन बाद खुदाई के लिए तैयार हो जाते हैं। इनका प्रति हेक्टेयर उत्पादन 20 से 25 क्विंटल के बीच पाया जाता है. इसके दानों में तेल की मात्रा 40% के आसपास पाई जाती है।

(3) एच.एन.जी-10 (H.N.J-10)

किसान भाई एच.एन.जी-10 (H.N.J-10) अच्छी वर्षा या जहां जीवन रक्षक सिंचाई जल उपलब्धता वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है। इसकी पत्तियां गहरी हरी और पौधे मध्यम फैलाव वाले होते हैं। यह किस्म 125 से 130 दिन में पक कर लगभग 20 से 25 क्विण्टल प्रति हैक्टर उपज देती है। इसकी फली में औसतन दो दाने होते हैं।

(4) गंगापुरी (Gangapuri)

मूंगफली की इस किस्म को कम समय में अधिक उत्पादन देने के लिए तैयार किया गया है। इस किस्म के पौधों की ऊंचाई डेढ़ फीट के आसपास पाई जाती है। इस किस्म के पौधे की पत्तियां गहरी हरी और तना बैंगनी रंग का दिखाई देता है। इस किस्म के पौधे बीज रोपाई के लगभग 90 से 100 दिन के आसपास खुदाई के लिए तैयार हो जाते हैं। इसमें प्रति हेक्टेयर औसतन उत्पादन 20 से 25 क्विंटल तक पाया जाता है। इसके दानों में तेल की मात्रा 50% तक पाई जाती है।

अन्य भी पढ़े :

आज के इस आर्टिकल में हम ने आप को मूंगफली की टॉप 3 किस्में (Top 4 Varieties Of Peanuts) इन के बारे में अच्छी जानकारी बताई है। यह आर्टिकल आप को सेम की खेती के लिए बहुत हेल्फ फूल होगा और यह आर्टिकल आप को पसंद भी आया होगा ऐसी हम उम्मीद रखते है। और इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा किसान भाई और अपने मित्रो को शेयर करे।

हमारे इस ब्लॉग ikhedutputra.com पर हर हमेेश किसान को खेती की विविध फसल के उन्नत बीज से लेकर उत्पादन और इन से होने वाली कमाई और मुनाफा तक की सारी बात बताई जाती है। इन के अलावा जो किसान के हित में सरकार की तरफ से चलाई जाने वाली विविध योजना और खेती के नई तौर तरीके के बारे में भी बहुत कुछ जानने को मिलेगा।

इन सब की मदद से किसान खेतीबाड़ी से अच्छी इनकम कर सकता है। इस लिया आप हमारी यह वेबसाईट आईखेडूतपुत्रा को सब्सक्राब करे ताकि आप को अपने मोबाईल में रोजाना नई आर्टिकल की नोटिफिकेशन मिलती रहे। इस आर्टिकल के अंत तक हमारे साथ बने रहने के लिए आप का बहुत बहुत धन्यवाद।

इस लेख को किसान के साथ शेयर करे...

Leave a Comment