जरबेरा फूल की खेती से किसान हो रहे है मालामाल जाने पूरी जानकारी

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Gerbera Fool Ki Kheti

जरबेरा फूल की खेती (Gerbera Fool Ki Kheti) : भारतीय किसान अब परंपरागत खेती के अलावा विविध फूलो की खेती कर के अपनी आय बढ़ा रहे है। इन में एक फूल है नाम है जरबेरा इन्हे अफ्रीकन डेजी और ट्रांसवाल डेजी के नाम से भी जाना जाता है। इस जरबेरा फूल की खेती हमारे देश भारत के अलावा इटली, इजरायल, नीदरलैंड और भारत में गुजरात, उत्तरप्रदेश, पंजाब, अरूणाचल प्रदेश, कर्णाटक, पश्चिमी बंगाल आदि राज्य में इस जरबेरा फूल की खेती किसान करते है।

जरबेरा फूल अधिकतम सजावट में इस्तेमाल करते है। इन के पौधे पर तना नहीं होता है। जरबेरा के फूल पीले, नारंगी, सफेद, गुलाबी, लाल रंग के होते है। इन की खेती शरद ऋतु में वसंत ऋतु और बारिश के दिनों में की जाती है। इन के फूल देखने में बहुत आकर्षित होते है और कई दिनों तक यह फूल पौधे से काटने के बाद भी तजा रहता है। इन की मांग बाजार में अधिक है इस लिए इन की खेती से किसान को अधिक कमाई होती है।

आज के इस ikhedutputra.Com के इस आर्टिकल के माध्यम से हम जानेंगे की जरबेरा फूल की खेती (Gerbera Fool Ki Kheti) कैसे करे और इन की खेती से किसान को कितनी कमाई और मुनाफा होता है।

जरबेरा फूल की खेती (Gerbera Fool Ki Kheti)

जरबेरा के पौधे की अच्छी विकास के लिए इन की खेती हल्की क्षारीय और दोमट मिट्टी में सफलता पूर्वक कर शकते है। पर मिट्टी का जलनिकास अच्छा होना चाहिए। जरबेरा की खेती पॉलीहाउस में बड़ी सफलता पूर्वक कर शकते है। जरबेरा उष्ण एवं समशीतोष्ण जलवायु में अच्छे से वृद्धि होती है। इन के पौधे को ठंड के दिनों में हल्की धुप की जरूरत होती है और गर्मी के दिनों में छाव की जरूरत होती है।

जरबेरा की खेत तैयारी में मिट्टी की दो से तीन बार गहरी जुताई कर के मिट्टी को भुरभुरी बना ले बाद में 1 मीटर चौड़ी और 30 सैमी ऊंची बेड तैयार करें इन बेड पर रेती, नारियल, धान का भूसा और अच्छे से सड़ी गोबर की खाद इन सभी को अच्छे से मिला के आप इस बेड पर डाले।इन के अलावा वर्मी कम्पोष्ट या तो अच्छे से सड़ी गोबर की खाद एक एकड़ के हिसाब से 15 से 20 टन, फास्फोरस और पोटाश 40 किलोग्राम डालना चाहिए।

जरबेरा के बीज की बुवाई करने का समय?

जरबेरा की खेती शरद ऋतु में वसंत ऋतु और बारिश के दिनों में की जाती है। इन की खेती कतार में बेड विधि से की जाती है। इन में कतार से कतार की दुरी 40 सैमी की और पौधे से पौधे की दुरी 30 सैमी तक की राखी जाती है। इन की रोपाई बीज द्वारा और सूक्ष्म प्रसारण द्वारा की जाती है। बीज बुवाई से पहले बीज उपचार जरूर करें।

जरबेरा फूल की कटाई कब करें?

जरबेरा के बीज या पौधे लगाने के बाद तीन महीने बाद इन के पौधे पर फूल खिलते है। और इन के फूल की कटाई आप को सुबह या तो शाम के समय करनी है। जब फूल की कटाई हो जाती है तब इन्हे अलग अलग श्रेणी में रखा जाता है और इन का अच्छे से पैकेज कर के बाद में लंबे समय की दुरी पर बेचने के लिए भेज देते है।

जरबेरा के फूल का उत्पादाब और कमाई

जरबेरा की खेती किसान को एक हैक्टर जमीन में करनी है तो आप को 2 से 2.50 लाख तक की लागत होती है। पर इन की बाजारी डिमांड बहुत है इस लिए इन के फूल की कीमत अधिक मिल जाती है एक हैक्टर जमीन में जरबेरा की खेती की है तो कम से कम 6 से लेकर 8 लाख तक की कमाई होती है।

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आज के इस आर्टिकल में हम ने आप को जरबेरा फूल की खेती (Gerbera Fool Ki Kheti) इन के बारे में अच्छी जानकारी बताई है। कम लागत में अधिक मुनाफा यह आर्टिकल आप को सेम की खेती के लिए बहुत हेल्फ फूल होगा और यह आर्टिकल आप को पसंद भी आया होगा ऐसी हम उम्मीद रखते है। और इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा किसान भाई और अपने मित्रो को शेयर करे।

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नमस्कार किसान मित्रो, में Mavji Shekh आपका “iKhedutPutra” ब्लॉग पर तहेदिल से स्वागत करता हूँ। मैं अपने बारे में बताऊ तो मैंने अपना ग्रेजुएशन B.SC Agri में जूनागढ़ गुजरात से पूरा किया है। फ़िलहाल में अपना काम फार्मिंग के साथ साथ एग्रीकल्चर ब्लॉग पर किसानो को हेल्पफुल कंटेंट लिखता हु।

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