भिंडी की खेती जनवरी महीने में कर के मात्र 45 दिन में 6 लाख की कमाई कर सकते है।

WhatsApp Group (Join Now) Join Now
Telegram Group (Join Now) Join Now
Rate this post
Sardi Me Bhindi Ki Kheti Kaise Kare

सर्दी में भिंडी की खेती कैसे करें (Sardi Me Bhindi Ki Kheti Kaise Kare)

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए 👉🏿 यहां क्लिंक करे

एक एकड़ जमीन से 8 से 10 हजार की कमाई इस खेती में होती है।

किसान एक एकड़ जमीन से प्रतिदिन 8000 से 10000 हजार रूपए की कमाई कर कहते है। इस खास फसल को खेती कर के किसान अपनी आमदनी में सुधार ला सकता है। कई किसान को इस खास फसल की जानकारी आधी अधूरी है और कई किसान को यह खास फसल में बारे में बिल्कुल पता नही है। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम बताएंगे की इस फसल की खेती कैसे कर के 1 दिन के 8 से 10 हजार की कमाई कर सकते है।

किस खास फसल की खेती कर के प्रतिदिन 8 से 10 हजार की कमाई कर सकते है।

आज हम जिस फसल की बात करने जा रहे है और प्रतिदिन 8 से 10 हजारी की कमाई 1 एकड़ जमीन से करनी है तो किसान भिंडी की खेती इस जनवरी महीने में शुरू करे। जी हा किसान बंधु हमे पता ही है की कई किसान बंधु को एकिन नही होगा पर यह भिंडी की खेती कर के एक दिन के 8 से 10 हजार तक की कमाई कर सकते है।

सर्दी में भिंडी की खेती कैसे करें (Sardi Me Bhindi Ki Kheti Kaise Kare)

भिंडी की खेती आमतौर पर किसी भी मिट्टी में कर सकते है पर भिंडी के पौधे की अच्छी विकास और अधिक उत्पादन के लिया भिंडी की खेती बलुई दोमट मिट्टी सब से उपयुक्त मानी जाती है। मिट्टी का पी. एच माप की बात करे तो 7 से 8 के बीच का अच्छा माना जाता है।

खेत तैयारी

भिंडी की खेती करने के लिया आप दो से तीन बार जमीन को अच्छे से गहरी जुताई करे ताकि जो अगली फसल है इन के अवशेष अच्छे से नष्ट हो जाए। बाद में इन खेती में एक हैक्टर के हिसाब से 13 से 15 टन सड़ी गोबर की खाद डाले और आखरी जुताई कर के अच्छे से खाद को मिट्टी में मिला दे और मिट्टी को भुरभुरी कर ले। किसान चाहे हो भिंडी की खेती बेड बना के कर कहते है या बिना बेड के भी कर सकते है।

जलवायु

भिंडी की फसल को तेज और नमी वाली जलवायु सब से अच्छी मानी जाती है। भिंडी की खेती हमारे देश में बारिश के मौसम और खरीफ दोनो मौसम में कर कहते है। पर जनवरी महीने में ठंड के कारण भिंडी की खेती करने से उत्पादन थोड़ा कम प्राप्त होता है पर इन के बाजारी भाव अधिक मिलता है।

तापमान

भिंडी के बीज अंकुरित होने के लिया 20°C तक का तापमान होना बेहद जरूरी है इन से कम तापमान पर भिंडी के बीज अंकुरित होने में दिकात होती है। और पौधे की अच्छी विकास के लिया 30°C तक का तापमान अच्छा रहता है।

Sardi Me Bhindi Ki Kheti Kaise Kare

भिंडी की प्रसिद्ध किस्में कौन कौन सी है?

भिंडी की आम तो कई सारी किस्में है। इन में से कुछ किस्में का नाम इस प्रकार से है।
आर्क अनामिक : भिंडी की यह किस्में में पीला चीरा मोजक रोग के सामने प्रतिरोधक है। इस किस्में के पौधे अधिक हरे और लंबे होते है। इन के पौधे पर जो फूल खिलते है वे जाबू डी रंग के होते है। और उत्पादन की बात करे तो एक हैक्टर के हिसाब से 20 टन तक का उत्पादन प्राप्त होता है। इन की खेती दोनो मौसम में कर शकते है।

हिसार उन्नत : भिंडी की यह किस्में को कई लोग हिसार एडवांस के नाम से भी जानते है। इन की खेती हमारे देश में हरियाणा और पंजाब राज्य में किसान बड़े पैमाने में करते है। इस किस्में के बीज बुवाई के बाद 35 दिन बाद पहेली तुड़ाई कर सकते है और उत्पादन की बात करे तो एक हैक्टर के हिसाब से 15 टन तक का उत्पादन प्राप्त होता है।

बुवाई और सिंचाई

भिंडी की बुवाई किसान अलग अलग मौसम में अलग अलग समय पर करते है। भिंडी की खेती करने से पहले मिट्टी में नमी अच्छे से बनी है तो बीज जुवाई के बाद तुरत सिंचाई की जरूरत नहीं है। पर 10 से 15 दिन के अंतर में एक सिंचाई जरूर करे। और जब गर्मी अधिक पड़ रही है तो सिंचाई सप्ताह में एक बार जरूर करे।

भिंडी की फसल में कौन सी खाद डाले

भिंडी की खेती में खेत तैयारी में तो खाद डाले है पर रासायनिक खाद देना है तो एक हैक्टर के हिसाब से दो बोरी एन.पी.के दे सकते है और जब पौधे 60 से 90 दिन के हो जाए तब 20 किलोग्राम यूरिया एक हैक्टर के हिसाब से देना चाहिए।

भिंडी की खेती में लगने वाला रोग

भिंडी की फसल में फल छेदक भिंडी के ताने और फलियों दोनो को नुक्सान करती है। इन की वजे से फलिया टेडी मेडी हो जाती है। यह रोग नमी के मौसम में अधिकतर दिखाई देता है। इन से भिंडी की फसल में बहुत ही नुकसान होता है। इस रोग के रोकथाम के लिया आप इमामेक्टिन बेंजोएट 19% EC का 16 लीटर पानी में 20 से 25 मिली नाप लेकर छिड़काव करे इन से बढ़िया रिजल्ट मिलेंगे।

पिला चिराक मोजेक वायरस इन से पौधे की चिराई को पिला कर देता है इस लिया नई निकलने वाली शाखा भी पीले रंग की निकलती है। इन के कारण इन पौधे पर लगाने वाली फलिया भी पीले रंग की हो जाती है। इन का सही समय पर नियंत्रण नहीं किया जाए तो पौधे का विकास रुक जाता है। इन के नियंत्रण के लिया आप एरिस एग्रो कंपनी का प्लांटों माइसीन और डायफेन्थरों 50% WP16 लीटर पानी में अच्छे से मिक्स कर के छिड़काव करे।

किसान को भिंडी की फसल से अधिक उत्पादन प्राप्त करना है और अच्छी कमाई करनी है तो जब भी भिंडी की फसल में कोई रोग दिखाई दे तब तुरत योग्य दवाई का छिड़काव कर के इन का नियंत्रण करना चाहिए। तब जाकर अधिक उत्पादन और अच्छी कमाई के साथ बंपर मुनाफा प्राप्त होता है।

अन्य भी पढ़े :

आज के इस आर्टिकल में हम ने आप को सर्दी में भिंडी की खेती कैसे करें (Sardi Me Bhindi Ki Kheti Kaise Kare) इन के बारे में अच्छी जानकारी बताई है। यह आर्टिकल आप को सेम की खेती के लिए बहुत हेल्फ फूल होगा और यह आर्टिकल आप को पसंद भी आया होगा ऐसी हम उम्मीद रखते है। और इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा किसान भाई और अपने मित्रो को शेयर करे।

हमारे इस ब्लॉग ikhedutputra.com पर हर हमेेश किसान को खेती की विविध फसल के उन्नत बीज से लेकर उत्पादन और इन से होने वाली कमाई और मुनाफा तक की सारी बात बताई जाती है। इन के अलावा जो किसान के हित में सरकार की तरफ से चलाई जाने वाली विविध योजना और खेती के नई तौर तरीके के बारे में भी बहुत कुछ जानने को मिलेगा।

इन सब की मदद से किसान खेतीबाड़ी से अच्छी इनकम कर सकता है। इस लिया आप हमारी यह वेबसाईट आईखेडूतपुत्रा को सब्सक्राब करे ताकि आप को अपने मोबाईल में रोजाना नई आर्टिकल की नोटिफिकेशन मिलती रहे। इस आर्टिकल के अंत तक हमारे साथ बने रहने के लिए आप का बहुत बहुत धन्यवाद।

इस लेख को किसान के साथ शेयर करे...

नमस्कार किसान मित्रो, में Mavji Shekh आपका “iKhedutPutra” ब्लॉग पर तहेदिल से स्वागत करता हूँ। मैं अपने बारे में बताऊ तो मैंने अपना ग्रेजुएशन B.SC Agri में जूनागढ़ गुजरात से पूरा किया है। फ़िलहाल में अपना काम फार्मिंग के साथ साथ एग्रीकल्चर ब्लॉग पर किसानो को हेल्पफुल कंटेंट लिखता हु।

Leave a Comment