कोको की खेती करने का तरीका और होने वाला मुनाफा

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Koko Ki Kheti Kaise Karen

कोको की खेती कैसे करें? (Koko Ki Kheti Kaise Karen) : हमारे देश भारत की सरकार किसान की आमदनी बढ़ाने के लिए कई सारी खेती की योजना चला रही है। हाल के समय में केंद्र सरकार काजू और कोको की खेती को बढ़ावा देनेके लिए यह योजना चला रही है और हम सब अच्छे से जानते है की कोको में से चॉकलेट बनाई जाती है और इस चॉकलेट को बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक पसंद की जाती है।

पुरे देश भर में आज कल चॉकलेट का कारोबार लगातार बढ़ रहा है इस लिए कोको की मांग भी बढ़ती जाती है। कोको की अधिक मांग के कारण इन की खेती किसान के लिए एक अच्छी कमाई करने का विकल्प बन गई है। और हमारे देश के आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु इन राज्य में कोको फार्मिंग आज किसान कर रहे है और अच्छी मात्रा में कमाई भी करते है।

आज के इस ikhedutputra.Com के इस आर्टिकल के माध्यम से हम जानेंगे की कोको की खेती कैसे करें? (Koko Ki Kheti Kaise Karen) और इन की खेती से कितनी कमाई होती है। इन की खेती के लिए मिट्टी की पसंदगी और तैयारी कैसे करें इन सभी बाते पर जानकारी प्राप्त करेंगे इस लिए आप हमारे साथ इस आर्टिकल के अंत तक बने रहे।

कोको की खेती कैसे करें? (Koko Ki Kheti Kaise Karen)

कोको एक नकदी फसल है और इन के फल में से बीज प्राप्त होते है जो कोको बनाने में इस्तेमाल किए जाता है। इन के फल देखने में पपीता के फल जैसे होते है। और इन फल के अंदर 40 से 60 प्रतिशत बीज होते है। इन के बीज से कोको पावडर बनाया जाता है। कोको के पेड़ की उचाई 5 से 7 मीटर तक की होती है।

कोको की खेती के लिए मिट्टी की पसंदगी और जलवायु

कोको के पौधे को अधिक तापमान और अधिक बारिश की जरूरत होती है इस लिए इन की खेती उष्णकटिबंधीय विस्तार में अधिक की जाती है। और तापमान की बात करें तो 20℃ से लेकर 33℃ तक का सही माना जाता है। इन की खेती आप नारियल की खेती और सुपारी की खेती के साथ बड़ी आसानी से कर शकते है। इन की खेती आप आम तो सभी प्रकार की मिट्टी में कर शकते है पर अधिक उत्पादन के लिए आप इन के पौधे समृद्ध मिट्टी पर करें। पर मिट्टी में नमी बनी रहे ऐसी मिट्टी में भी इन कोको की खेती बड़ी सफलतापूर्वक कर शकते है। इन के पौधे की रोपाई करने के लिए आप मानसून का समय सब से यही है।

कोको के पौधे रोपाई के लिए खेत तैयारी

कोको के पौधे की रोपाई करने से पहले मिट्टी की दो बार अच्छे से गहरी जुताई करें इन के बाद आप एक हैक्टर के हिसाब से 180 से 200 क्विंटल अच्छे से सड़ी गोबर की खाद डाले और कल्टीवेटर की मदद से मिट्टी में अच्छे से मिला दे बाद में आप मिट्टी समतल कर के खड्डा तैयार करे। कोको के पौधे एक एकड़ जमीन में आप 400 पौधे लगा शकते है। और दो सीडलिंग के बीच की दुरी आप कम से कम चार मीटर की दुरी रखनी चाहिए।

कोको के पौधे को अच्छे से देखभाल करें तो पौधे रोपाई के बाद तीन साल बाद कोको के पौधे फल देना आरंभ कर देता है। इस लिए इन के पौधे को आप आप गोबरी की खाद और वर्मीकम्पोष्ट खाद डालनी चाहिए। इन के पौधे आप घर पर भी लगा शकते है। कोको की उन्नत किस्म आप को लगानी चाहिए।

केन्द्रीय बागवानी फसल अनुसंधान केन्द्र और केरल कृषि विश्वविद्यालय इन दोनों की तरफ से किसान को कोको के बीज उपलभ्द कराइ जाते है। और इन दोनों संस्थान ने मिल के कोको की कई उन्नत किस्म भी तैयार की है। इन में से केरल विश्वविद्यालय ने एम 16.9 और एम 13.12, जीआई 5.9 इन के अलावा बागवानी विभाग ने आईआईआई 105, एनसी 42, आई 56, आई 14, नाम की विविध प्रजातिया विकसित की गई है।

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आज के इस आर्टिकल में हम ने आप को कोको की खेती कैसे करें? (Koko Ki Kheti Kaise Karen) इन के बारे में अच्छी जानकारी बताई है। कम लागत में अधिक मुनाफा यह आर्टिकल आप को सेम की खेती के लिए बहुत हेल्फ फूल होगा और यह आर्टिकल आप को पसंद भी आया होगा ऐसी हम उम्मीद रखते है। और इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा किसान भाई और अपने मित्रो को शेयर करे।

हमारे इस ब्लॉग ikhedutputra.com पर हर हमेेश किसान को खेती की विविध फसल के उन्नत बीज से लेकर उत्पादन और इन से होने वाली कमाई और मुनाफा तक की सारी बात बताई जाती है। इन के अलावा जो किसान के हित में सरकार की तरफ से चलाई जाने वाली विविध योजना और खेती के नई तौर तरीके के बारे में भी बहुत कुछ जानने को मिलेगा।

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नमस्कार किसान मित्रो, में Mavji Shekh आपका “iKhedutPutra” ब्लॉग पर तहेदिल से स्वागत करता हूँ। मैं अपने बारे में बताऊ तो मैंने अपना ग्रेजुएशन B.SC Agri में जूनागढ़ गुजरात से पूरा किया है। फ़िलहाल में अपना काम फार्मिंग के साथ साथ एग्रीकल्चर ब्लॉग पर किसानो को हेल्पफुल कंटेंट लिखता हु।

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